स्वंयभू धर्मगुरु ‘राधे मां’ ने ऐसे नपवा दिया दिल्ली का एक पूरा थाना

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इस देश में बाबाओं की शामत आई हुई है. बड़े-बड़े बाबा सत्संगी महफिल से दूर जेल में बंद पड़े हैं. मगर ऐसा पहली बार हुआ है जब बाबाओं की इस जमात के बीच एक मां को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. और ये मां हैं राधे मां. जो कभी भक्तों की गोद में जाने, तो कभी किस करने, कभी आई लव यू बोलने तो कभी अपने कपड़ों को लेकर सुर्खियों बटोरती रहीं. पर सुर्खियों से हट कर अब इन्होंने ऐसा काम कर दिय़ा है जो अब तक कोई बाबा भी नहीं कर पाया. खुद थाने गईं और थाने में जाकर सीधे एसएचओ की कुर्सी विराजमान हो गईं. ये अलग बात है कि राधे मां की इस कृपा के बाद एसएचओ समेत छह पुलिस वाले नप गए.

राधे मां की जो तस्वीरें दिल्ली के एक थाने से बाहर आईं वो सबको हैरान कर देंगी. तस्वीर में विवादास्पद धर्मगुरु राधे मां दिख रही हैं. कमरे में कुछ पुलिस वाले भी भक्त की मुद्रा में नजर आ रहे हैं. धर्म अच्छा है.

 आध्यात्म भी अच्छा है. भक्ति करना और महिलाओं की इज्ज़त करना तो बहुत ही अच्छा है. लेकिन ये क्या कि भक्ति करते-करते कोई सरकारी अफ़सर इतना आगे निकल जाए कि उसे भक्ति की जगह और अपनी ड्यूटी के डेकोरम या फिर यूं कहें कि नियम क़ानूनों का ख्याल ही ना रहे.

दिल्ली के विवेक विहार थाने के तस्वीरें उसी का सुबूत हैं. अक्सर विवादों में घिरी रहने वाली धर्मगुरु राधे मां पूरे ठसके से थानेदार की कुर्सी पर बैठी और कैसे थानेदार संजय शर्मा हाथ जोड़कर उसके सामने खड़े रहे. ये वही राधे मां हैं जो हाथ में त्रिशूल लेकर अपने भक्तों के बीच अजब-गजब मुद्रा को लेकर चर्चित रहती हैं.

थाने के जिस कमरे में एसएचओ की कुर्सी पर इंस्पेक्टर संजय शर्मा को होना चाहिए था, उस कुर्सी पर राधे मां विराजमान थी. खाकी वर्दी की इज्जत से बेपरवाह दारोगा साहब भक्त की मुद्रा में हाथ जोड़े राधे मां के सामने अभिभूत से खड़े थे. वर्दी के ऊपर एसएचओ ने मातारानी की चुनरी डाल रखी है. मानो वो अपने कर्तव्यों के मंदिर यानी थाने में ना होकर किसी देवी के मंदिर में खड़े हों. जब थाने के मुखिया का ये हाल हो तो फिर दूसरे पुलिसवाले कैसे पीछे रहते. राधे मां का आशीर्वाद लेने के लिए वो भी कतार में लग गए.

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