इंसानियत अभी जिंदा है : नौहझील के ग्रामीण बने मानवता की मिसाल

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नौझील (मथुरा), 20 दिसंबर (ब्यूरो)।
हमारा सामाजिक परिवेश कितना भी क्यों ना बदल गया हो और हम कितना भी पश्चिमी सभ्यता का अंधानुकरण क्यों न कर रहे हों। लेकिन हमारे समाज में इंसानियत आज भी जिंदा है और हमारे समाज में आज भी भले लोग विद्यमान हैं जिसका उदाहरण भी वे समय-समय पर प्रस्तुत करते रहते हैं।

ऐसा ही एक उदाहरण प्रस्तुत किया है मथुरा जनपद की माँट तहसील के के नौहझील क्षेत्र के ग्रामीणों ने, जिनके द्वारा एक साधु का आपसी सहयोग से अंतिम संस्कार किया जा रहा है।

हमारे संवाददाता दीपेश गुप्ता के अनुसार नौहझील स्थित पुराने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रांगण में एक साधु की बीती रात मृत्यु हो गई।साधु पिछले कई माह से नौहझील में ही रह रहा था, जो कई दिनों से बीमार चल रहा था।

आज बुधवार सुबह जब आसपास के ग्रामीण शौच क्रिया के लिए निकल रहे थे, तभी उन्हें पुराने स्वास्थ्य केंद्र के समीप बरामदे में साधु का शव दिखाई दिया। साधु की पहचान राया थाना क्षेत्र के गांव अल्हैपुर निवासी 55 वर्षीय हरि सिंह के रूप में हुई।

मौके पर पहुंची इलाका पुलिस ने आसपास जानकारी की और मृतक के परिजनों को सूचना देने का प्रयास किया मगर मृतक के किसी भी परिजन के उसके गांव अल्हैपुर में न रहने के कारण कोई उसका शव लेने नहीं आ सका है। इसलिए अब ठंड के मौसम में भी स्थानीय ग्रामीण मानवता का परिचय देते हुए आपस में चंदा कर मृत साधु हरि सिंह का अंतिम संस्कार करने में जुटे हुए हैं।

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