दिल्ली में आध्यात्मिक विश्वविद्यालय की आड़ में अय्याशी के अड्डे का खुलासा, दर्जनों युवतियां कराई गईं मुक्त

0
91

 

नई दिल्ली।
गुरमीत राम रहीम बाबा के बाद अब दिल्ली के एक और बाबा का अय्याशीदिल्ली में आध्यात्मिक विश्वविद्यालय की आड़ में अय्याशी के अड्डे का खुलासा का मामला सामने आया है, जो दिल्ली के रोहिणी स्थित विजय विहार इलाके में आश्रम की आड़ में अय्याशी का अड्डा चलाता था।

जी हां आज हम बात कर रहे हैं एक अय्याशी बाबा की, जो आध्यात्मिक विश्वविद्यालय के नाम पर लड़कियों का यौन शोषण करता था। यह बाबा और वीरेंद्र देव दीक्षित नामक है।

इस बाबा के आश्रम पर दिल्ली पुलिस, सीडब्ल्यूसी और दिल्ली महिला आयोग की टीम ने छापामार कार्रवाई एवं रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद 40 युवतियों को मुक्त कराया है, जिनमें नाबालिग लड़कियां भी शामिल हैं जबकि आश्रम की आड़ में अय्याशी का अड्डा चलाने वाला वीरेंद्र देव दीक्षित अभी भी पुलिस की पहुंच से दूर है।

बताते हैं कि आध्यात्मिक विश्वविद्यालय नाम से आश्रम चलाने वाला बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित खुद को कृष्ण बताता था। वह हमेशा महिला शिष्यों के बीच ही रहा करता था। सूत्रों के मुताबिक उसने 16000 महिलाओं के साथ संबंध बनाने का लक्ष्य रखा था। वह गोपियां बनाने के लिए लड़कियों को संबंध बनाने के लिए आकर्षित करता था।

बीते दिनों हाईकोर्ट के निर्देश पर आश्रम की जांच करने पहुंची महिला आयोग और पुलिस की टीम को कुछ वीडियो मिले थे, जिससे बाबा की काली करतूतों का खुलासा हुआ। हाईकोर्ट के निर्देश पर की गई कार्यवाही में पुलिस ने आश्रम से दो लोगों को भी हिरासत में लिया है। आश्रम पर महिलाओं को बंधक बनाकर यौन शोषण करने का आरोप लगा था, जिसके बाद एक एनजीओ ने कोर्ट में कार्रवाई की गुहार लगाई थी।

कोर्ट ने इसे गंभीर बताते हुए मंगलवार को महिला आयोग से जांच का आदेश दिया था। कार्रवाई के बाद टीम ने हाईकोर्ट को रिपोर्ट सौंपी। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल और न्यायमूर्ति सी. हरिशंकर ने कहा कि यह मामला गुरमीत राम-रहीम जैसा हो सकता है। इसकी सीबीआई जांच होनी चाहिए। कोर्ट ने सीबीआई को आश्रम में छापा मारने के निर्देश दिए हैं। बताते हैं इससे पहले छापा मारने पहुंची टीम को अनुयायियों ने बंधक बना लिया था। टीम ने इसी दायरे में तलाशी ली तो बाबा के अश्लील वीडियो-किताबें, जोशवर्धक दवाओं सहित कई आपत्तिजनक सामान मिले। वीडियो में सामने आया कि वीरेंद्र खुद को कृष्ण बताता था और गोपियां बनाने के लिए अनुयायी लड़कियों को संबंध बनाने के लिए आकर्षित करता था।

हाईकोर्ट के निर्देश पर दिल्ली पुलिस, महिला आयोग, CWC और DCPCR की टीम आश्रम में पहुंची थी। वहां महिला डॉक्टरों की एक टीम को भी बुलाया गया था, जो आश्रम में मौजूद महिलाओं और लड़कियों की मेडिकल जांच करेगी। आश्रम में बंद कुछ महिलाओं और लड़कियों के परिजन भी उन्होंने खोजते हुए पहुंचे। आश्रम की जांच के लिए सीबीआई एसआईटी का गठन कर रही है।

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here