दिल्ली में अय्याश बाबा के खुलासे के बाद वृंदावन में अय्याश भागवताचार्य का भंडाफोड़

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(योगेश खत्री)
वृंदावन (मथुरा), 27 दिसंबर।
दिल्ली के अय्याश बाबा के खुलासे के बाद वृंदावन में एक अय्याश भागवताचार्य का भंडाफोड़ हुआ है, जो कथा सीखने के लिए अपने साथ रह रही 2 नवयुवतियों को पिछले करीब 3 माह से अपनी हवस का शिकार बना रहा था। दिल्ली का अय्याश बाबा तो पुलिस की पकड़ से अभी दूर है मगर वृंदावन के इस अय्याश भागवताचार्य को वादी पक्ष ने खुद ही पकड़कर पुलिस को सौंप दिया है। पुलिस ने उसके खिलाफ बलात्कार का अभियोग दर्ज कर आरोप लगाने वाली दोनों युवतियों का मेडिकल कराया गया है।

धर्मनगरी वृंदावन में व्याभिचार खूब फल फूल रहा है, जो समय समय पर प्रकाश में भी आता रहता है। ऐसा ही यह मामला नगर के मोतीझील क्षेत्र में आज सुबह तब प्रकाश में आया, जब एक भागवताचार्य के साथ रह रही दो नवयुवतियों ने उस पर यौन शोषण का आरोप लगाया। इस दौरान युवतियों, उनमें से एक युवती के परिजनों और मौके एकत्र हुए लोगों ने भागवताचार्य का चोला उतार डाला।

हमारे वृंदावन संवाददाता अरुण यादव के अनुसार महाराष्ट्र के पीढ़ी जिले के लोहरी कस्बे का एक भागवताचार्य वासुदेव शास्त्री पिछले करीब 4 साल से यहाँ मोतीझील के पास के एक मकान में किराए पर रह रहा है। करीब 3 माह पूर्व वह अपने ही कस्बे की दो नवयुवतियों को अपने साथ वृंदावन लेकर आया, जो उसी के साथ रहने लगीं।

आज सुबह करीब 9:30 बजे यहाँ आए उनमें से एक युवती के माता-पिता भागवताचार्य वासुदेव शास्त्री को उसके मकान से खींचते हुए बाहर लेकर लाए। उनके साथ वे दोनों युवतियां भी बाहर आईं, जो भागवताचार्य की पिटाई करते हुए उस पर अपना यौन शोषण करने का खुला आरोप लगा रही थीं। मौके पर एकत्र हुए आसपास के लोगों ने इसकी सूचना पुलिस के 100 नंबर के अलावा चौकी इंचार्ज और कोतवाली प्रभारी को दी।

सूचना मिलते ही 100 नंबर की पुलिस के अलावा कोतवाली प्रभारी सुबोध कुमार और चौकी इंचार्ज बांके बिहारी आरएस द्विवेदी भी मय फोर्स के वहां पहुंचे। भागवताचार्य को उनके हवाले कर दिया गया। पुलिस भागवताचार्य और दोनों युवतियों को अपने साथ कोतवाली ले आई, जहां एक युवती की तहरीर के आधार पर भागवताचार्य के विरुद्ध बलात्कार का मुकदमा दर्ज कर लिया गया। इसके बाद दोनों युवतियों को चिकित्सीय परीक्षण के लिए जिला महिला चिकित्सालय भेज दिया गया। गिरफ्तार भागवताचार्य को कल मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मथुरा के न्यायालय में पेश किया जाएगा।

पकड़े गए भागवताचार्य वासुदेव शास्त्री के अनुसार इन दोनों युवतियों को उनके माता-पिता ने ही कथा सीखने के लिए उन्हें सौंपा था। भागवताचार्य ने अपने ऊपर लगाए गए आरोप को झूठा बताया और कहा कि इनमें से एक लड़की को उसने मोबाइल से एक लड़के से बात करते पकड़ लिया था और ऐसा करने से मना करने पर इनके द्वारा उनके ऊपर यह झूठा इल्जाम लगाया गया है।

वहीं चर्चाओं के अनुसार भागवताचार्य ने पहले एक युवती के साथ अपने संबंध बनाए, जो कुछ दिन चलने के बाद उसने दूसरी युवती को भी जैसे ही अपनी हवस का शिकार बनाना शुरू किया, बात बिगड़ती चली गई। इसके परिणामस्वरूप पहली वाली युवती ने अपने परिजनों को सूचना देकर यहां बुला लिया और उनके आते ही उसका भंडाफोड़ कर दिया।

वृंदावन में किसी भागवताचार्य के कुकृत्य का भंडाफोड़ होने का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कुछ वर्ष पूर्व एक भागवताचार्य का कुकृत्य आम जनमानस के सामने आ चुका है। इस प्रकार के खुलासों से धर्मनगरी और भागवताचार्यों की छवि पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है।

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