तीन तलाक बिल लोकसभा में बगैर किसी संशोधन के पास, अब राज्यसभा में पेश किया जाएगा

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नई दिल्ली 28 दिसंबर (ब्यूरो)।
तीन तलाक वाला ऐतिहासिक बिल लोकसभा में आज पास हो गया। यह बिल बिना किसी संशोधन के पास हुआ, जिसमें 3 साल की सजा और जुर्माने का प्रावधान किया गया है। इस कानून के अनुसार तीन बार तलाक कहकर तलाक देने वाले शख्स को जेल जाना होगा। यह एक गैरजमानती अपराध होगा और यह कानून जम्मू कश्मीर को छोड़कर पूरे देश में लागू होगा।

तीन तलाक बिल में संशोधन के प्रस्ताव खारिज कर दिए गए। हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी के 3 संशोधन भी खारिज कर दिए गए। अब इस बिल को राज्यसभा में पेश जाएगा।

तीन तलाक पर सजा के प्रावधान वाला बिल पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आज लोकसभा में रखा गया और सदन में इसे मंजूरी भी दे दी गई। इस बिल से मुस्लिम महिलाओं के चेहरे खिले हुए हैं। वहीं मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड सहित कुछ मुस्लिम नेताओं द्वारा इसका कड़ा विरोध किया जा रहा है। तीन तलाक के विरोध में सुप्रीम कोर्ट द्वारा अपना फैसला दिए जाने के बाद सरकार यह बिल लेकर आई है।

तीन तलाक पर संसद में चली बहस के दौरान असदुद्दीन ओवैसी ने बिल को लेकर सरकार पर जमकर निशाना साधा। ओवैसी ने कहा कि बिल के सहारे मुस्लिमों को जेल भेजने की साजिश की जा रही है, ओवैसी यहीं नहीं रुके बोले – सरकार इस बिल की बदौलत मुस्लिमों को अपने नियंत्रण में करना चाहती है।

ओवैसी ने बिल पेश करने वाले कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद पर भी निशाना साधा, कहा- बिल को लेकर आपकी मंशा ही सही नहीं है, इसीलिए आपने इसमें एकतरफा प्रावधान किए हैं। ओवैसी ने सवाल पूछा कि ‘अगर एक व्यक्ति अब भी अपनी पत्नी को एकसाथ तीन तलाक देता है और कोर्ट में जाकर वह आपकी तरह का कोई महंगा वकील करके सेक्‍शन 84 के तहत अपना पक्ष रख देता है, तब आप क्या करेंगे?’

आपने जानबूझकर इस बिल में सेक्‍शन 84 का प्रावधान ही नहीं किया है। यह बिल सिर्फ मुस्लिमों को अपने नियंत्रण में और ज्यादा संख्या में जेल भेजने की साजिश है। ओवैसी ने साफ कहा- इस बिल से मुस्लिम महिलाओं को कोई फायदा होने वाला नहीं है। अगर तीन तलाक देने पर उनके घर में कमाने वाला पति जेल चला जाता है तो फिर उनका भरन पोषण कैसे होगा, इसकी चिंता आपने नहीं की। ओवैसी ने इस बिल को संविधान के नियमों के खिलाफ और मुस्लिमों का मनोबल गिराने वाला बताया।

ओवैसी ने एक किस्सा सुनाते हुए कहा कि बचपन में मैने एक कहानी सुनी थी, जिसमें एक तालाब में मछलियां आराम से तैर कर रही थीं और अपने जीवन का आनंद ले रही थीं। इसी दौरान एक बंदर आया और मछलियों को निकालकर बाहर रखने लगा। किसी ने बंदर से पूछा तुम क्या कर रहे हो तो बंदर बोला मैं उन्हें डूबने से बचा रहा हूं।

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