ठंड का सबसे ज्यादा असर सरकारी कार्यालयों पर, अधिकारियों की सीटें खाली, कर्मचारी कार्यालयों के बाहर अलाव जलाकर सेंक रहे हाथ

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ठंड का सबसे ज्यादा असर सरकारी कार्यालयों पर, अधिकारियों की सीटें खाली, कर्मचारी कार्यालयों के बाहर अलाव जलाकर सेंक रहे हाथ

आदित्य आहूजा/राकेश पचौरी
मथुरा 4 जनवरी 2018 ।
मथुरा में इस समय सर्दी पूरे जोरों पर है। शीत लहर और घने कोहरे से आम जनजीवन पूरी तरह से अस्त व्यस्त नजर आ रहा है। सर्दी का प्रकोप सरकारी कार्यालयों में भी देखने को मिल रहा है।

गुरूवार को जब नियो न्यूज की टीम ने विभिन्न कार्यालयों का जायजा लिया तो इस दौरान ज्यादातर कार्यालयों में अधिकारियों की सीटें खाली मिलीं। कार्यालयों के गेट तक बंद थे। कर्मचारी भी अपने कार्यालयों में न बैठकर बाहर अलाव जलाकर आग में हाथ सेंकते नजर आए।

सबसे पहले हमारी टीम निचली मांट गंग नहर सिंचाई विभाग कार्यालय पहुंची, जहां अधिशासी अभियंता का कार्यालय बंद पड़ा था। अधीक्षण अभियंता की सीट भी खाली पड़ी थी। यहां कर्मचारी तक कार्यालय में नहीं थे। जो कर्मचारी आए थे, वे कार्यालय में न बैठकर बाहर अलाव जलाकर हाथ सेंकते नजर आए।

इसके बाद जब हम जवाहर बाग स्थित जिला उद्यान अधिकारी कार्यालय, जवाहर बाग के बाहर जिला कृषि अधिकारी कार्यालय और जिला भूमि संरक्षण अधिकारी कार्यालय पहुंचे तो यहां पर भी स्थिति कुछ ऐसी ही थी। जहां जिला कृषि अधिकारी के कार्यालय का गेट बंद था और सीट खाली पड़ी थी तो वहीं जिला उद्यान अधिकारी और जिला भूमि संरक्षण अधिकारी भी अपने कार्यालय में मौजूद नहीं थे। यहां पर भी केवल कर्मचारी ही दिखे। जो ठंड से बचाव के लिए कार्यालय में न बैठकर बाहर आग जलाकर हाथ तापते नजर आए।

जब हमारी टीम मथुरा उप कृषि निदेशक कार्यालय और उसके पास बने जिला कृषि रक्षा अधिकारी कार्यालय पर पहुंची तो यहां पर भी अधिकारी कार्यालय से नदारद मिले। अधिकारी के कार्यालय के गेट बंद पड़े थे तो वही सीट भी खाली पड़ी थी। यहां पर भी इक्का-दुक्का उपस्थित कर्मचारी अपने कार्यालय से बाहर ही दिखे और अलाव जलाकर हाथ सेंकते नजर आए।

कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि जहां मथुरा जनपद में इस समय शीतलहर, घने कोहरे और बढ़ती ठंड के कारण लोग अपने घरों में कैद हैं तो वहीं अधिकारी और कर्मचारी भी अपने कार्यालयों में समय अनुसार नहीं पहुंच रहे हैं। जो कर्मचारी अपने कार्यालयों में पहुंच रहे हैं, वह ठंड से बचाव को अलाव जलाकर हाथ सेंकना ही मुनासिब समझ रहे हैं।

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