सर्दियों में भी गरम हैं हरी सब्जियों के दाम, पैदावार कम होने से महंगी मिल रही हैं सब्जियां

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सर्दियों में भी गरम हैं हरी सब्जियों के दाम, पैदावार कम होने से महंगी मिल रही हैं सब्जियां

गुड्डू यादव
कासगंज 4 जनवरी 2018 ।
सर्दी का मौसम शुरू होने के साथ ही हरी सब्जियां सस्ती होने लगती हैं। लेकिन इस बार यह कहानी बिल्कुल उलट है। हरी सब्जियों के दाम कम होने की बजाय बढ़ गए हैं। गोभी, पालक, भिंडी के अलावा टमाटर, गाजर, प्याज और अन्य सब्जियों की कीमतों में गिरावट नहीं आ रही है। लिहाजा ग्राहकों की जेब पर एक बार फिर महंगाई की मार पड़ रही है।

खरीदारों के मुताबिक सर्दियों में हरी सब्जियों का सीजन होने से दाम कम होते हैं। लेकिन इस वक्त इनके दाम बढ़ना चौंकाने वाला है। पिछले कुछ दिनों में अधिकतर हरी सब्जियां 15 से 30 रुपये तक महंगी हो गई हैं। लंबे समय से खुदरा बाजार में टमाटर और प्याज भी 60 रुपये किलो तक बिक रहे हैं।

खुदरा सब्जी विक्रेता इसके पीछे बड़े कारोबारियों की जमाखोरी को कारण बता रहे हैं। उनका कहना है कि शादियों का सीजन होने के कारण बड़े कारोबारी सीधे जरूरतमंद लोगों को सब्जियां बेच रहे हैं। इसका असर छोटे सब्जी विक्रेता और आम लोगों पर पड़ रहा है। इसके अलावा पैदावार कम होने से भी सब्जियां महंगी मिल रही हैं।

इस बार हरी सब्जियों की पैदावार कम हुई है। किसानों के पास से कम मात्रा में सब्जी मंडी तक पहुंच रही है। बड़े कारोबारी सब्जियों को सीधे लोगों को बेच रहे हैं। ऐसे में बाजार में सब्जी कम हो जाती है। इस स्थिति में बड़े कारोबारी दाम बढ़ाकर छोटे व्यापारियों को सब्जी बेचना शुरू कर देते हैं। इससे हमारी आमदनी में कमी आती है।

मौसमी सब्जियों के आने के बाद भी दाम कम नहीं हो रहे हैं। हम सीधे मंडी या किसान से सब्जी खरीदते हैं। इस समय पर हर जगह सब्जी महंगी मिल रही है। ऐसे में हमें भी बढ़ी कीमत पर ही बेचना पड़ता है। इसके अलावा ठंड में सब्जियां जल्दी खराब नहीं होती हैं। इससे रोज की बिक्री में कमी आती है। सब्जियों के दामों में बढ़ोतरी न थमने से घर का बजट बिगड रहा है। करीब एक महीने से सभी सब्जियों के भाव बढ़ रहे हैं। नई सब्जी की आवक भी शुरू हो गई है, इसके बाद भी सब्जियों के दाम लगातार बढ़ना चिंताजनक है। महंगी सब्जियों के कारण जेब पर काफी असर पड़ रहा है। रसोई के बजट में काफी कटौती करनी पड़ रही है। ठंड के मौसम में भी यदि सब्जियां महंगी खरीदनी पड़ेंगी तो फिर सस्ती सब्जियों की उम्मीद किस मौसम में करें।

सब्जी के एक हफ्ते पुराने और नए रेट

गोभी 30-50, तोरई 60-90, बैंगन 40- 60, प्याज 50-60, टमाटर 50-60, पालक 20-40, भिंडी 60-80, करेला 60-80, बथुआ 40-60, धनिया 60-80, खीरा 40-50, गाजर 40-60, लौकी 20-40, मिर्च 30-40, नींबू 25-30, ग्वारफली 30-40 प्रति किलो।

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