कासगंज में भोले भाले लोगों से ठगे गए करोड़ों रुपये, तीन गिरफ्तार, दो साल से चल रही फर्जी कंपनी का पुलिस का पता नहीं, पीडित की शिकायत पर हुआ खुलासा

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गुड्डू यादव
कासगंज 7 जनवरी 2018।
जिले की सदर कोतवाली पुलिस ने रविवार को एक पीड़ित की शिकायत पर सीेधे साधे लोगों को झांसे में लेकर एफडी, आईडी के नाम पर करोड़ों रुपये का धोखा करने वाली कंपनी का भंड़ाफोड किया है। इस मामले में पुलिस ने एक सीएमडी समेत तीन युवको को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से दर्जनों पासबुक, कम्प्यूटर, सीपीयू प्रिंटर के अलावा भारी मात्रा में कागजात और मुहरें, बरामद की हैं।

कासगंज कोतवाली में आयोजित हुई प्रेसवार्ता के दौरान सदर सीओ एसबीर सिंह ने बताया कि जितेन्द्र कुमार निवासी ज्वालापुरी कालोनी सोरों गेट की तहरीर पर यह कार्रवाई की गई है। यह तीनों शातिर संदीप कुमार सोलंकी निवासी गेंदूपुरा थाना अमांपुर, अरुण कुमार निवासी सहावर गेट कासगंज, संजय कुमार गोला निवासी इंडस्ट्रीज एरिया कासगंज के रहने वाले हैं।

ये शहर के मालगोदाम रोड स्थित इन्द्रा मार्केट में यंग इंडिया म्यूचन बैनिफिट निधि लिमिटेड कंपनी फर्जी तरीके से चला रहे थे, जोकि बचत खाता, आवर्ती खाता फिक्स डिपोजिट के माध्यम से खाता खोलकर धन हड़प करते हैं। इन्होंने बीते दो वर्ष में कासगंज शहर के सैकड़ों लोगों के साथ धोखाधड़ी कर करोड़ो रुपये हड़प लिए। इनके कब्जे से एक कम्प्यूटर, सीपीयू, प्रिंटर, एक पैड, चार मुहरें, छह रसीद, फर्म के पंपलैट, भूखण्ड प्लान योजना, पाॅलिसी बुकलेट, 61 एफडी व आरडी भी बरामद हुई हैं।

इनके तीन साथी सुनील कुमार सिंह निवासी बघेलपुरी ढोलना,मोहम्मद सगीर अहमद निवासी ठंडी सड़क, प्रीति सक्सेना निवासी मोहन गली कासगंज पुलिस की पकड़ से दूर हैं। फिलहाल पुलिस ने गिरफ्तार तीनों को जेल भेजकर फरार धोखाधड़ी करने वालों की तलाश शुरू कर दी है।

हैरानी की बात तो यह रही कि कपंनी बीते दो वर्ष से चल रही थीं, लेकिन पुलिस को कोई जानकारी तक नहीं थी। ऐसे में शहर की जनता लुटती रही,और पुलिस इन जाल साजों से क्यों दूर रही है,यह भी पुलिस के लिए एक बड़ा सवाल है।

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