रतनलाल फूलकटोरी स्कूल में तिरंगे का अपमान

0
260

वेदप्रकाश/बृजवासी
मथुरा 13 फरवरी 2018।
राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा देश की संप्रभुता का प्रतीक है। 26 जनवरी 2002 को भारतीय ध्‍वज संहिता में संशोधन किया गया। संशोधन के बाद भारत के नागरिकों को अपने घरों, कार्यालयों और प्रतिष्ठानों में न केवल राष्‍ट्रीय दिवसों पर बल्कि किसी भी दिन बिना किसी रुकावट के तिरंगा फहराने की अनुमति मिल गई।

अब भारतीय नागरिक राष्‍ट्रीय झंडे को शान से कहीं भी और किसी भी समय फहरा सकते हैं। बशर्ते वे ध्‍वज की संहिता का कठोरतापूर्वक पालन करें और तिरंगे की शान में कोई कमी न आने दें।

फ्लैग कोड ऑफ इंडिया के तहत राष्ट्रीय ध्वज फहराने के कड़े नियम हैं। इन नियमों के अंतर्गत फटा हुआ तिरंगा फहराने पर भी रोक है। प्रिवेंशन ऑफ इंसल्ट टू नेशनल ऑनर ऐक्ट-1971 की धारा-2 के मुताबिक राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करने वालों के खिलाफ सख्त क़ानून है। जाने-अनजाने राष्ट्रीय ध्वज के अपमान किए जाने के मामले सामने आते रहे हैं। लेकिन जब राष्ट्रीय ध्वज का अपमान किसी प्रतिष्ठित समझी जाने वाली शिक्षण संस्था द्वारा किया जाए तो न केवल विद्यालय प्रबंधन की मंशा पर बल्कि वहां पढ़ने वाले बच्चों के भविष्य पर भी सवाल उठते हैं।

ऐसा ही कुछ गोवर्धन मार्ग स्थित रतनलाल फूल कटोरी देवी सरस्वती बालिका विद्यालय में हुआ है। यहां राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराने के लिए एक विशाल पोल तो लगाया गया है। लेकिन विद्यालय प्रबंधन को राष्ट्रीय ध्वज फहराने के नियम नहीं पता हैं। तस्वीर में आप विद्यालय के विशाल पोल पर तिरंगे को फहराते हुए देख सकते हैं। आसमान छूते पोल पर तिरंगा पूरी शान के साथ फ़हरा रहा है। लेकिन जब आप गौर से देखेंगे तो पाएंगे कि तिरंगे की केसरिया पट्टी ऊपर से फटी हुई है।

यह फटा हुआ तिरंगा हुआ न केवल विद्यालय प्रबंधन की लापरवाही दर्शाता है बल्कि यहां पढ़ने वाली छात्राओं को गलत संदेश भी प्रसारित कर रहा है। फटे हुए तिरंगे से आम लोगों की भावनाएं भी आहत हो रही हैं। यह फोटो एक दिन पूर्व सोमवार का है।

गणतंत्र दिवस को गुजरे अभी एक माह भी नहीं हुआ है। ऐसे में रतन लाल फूल कटोरी देवी सरस्वती बालिका विद्यालय द्वारा फटा हुआ तिरंगा फहराना न केवल तिरंगे के प्रति असम्मान को दर्शाता है बल्कि यहां देश के भविष्य को दी जाने वाली शिक्षा पर भी सवाल उठाता है।

 

 

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here