हरियाणा की ओर चली यूपी की खुशहाली

-गेहूं की बंफर पैदावार बिक्री के लिए हरियाणा की मंडियों में जा रही है -समर्थन मूल्य के मुकाबले खुले बाजार में है काफी कम कीमतें, खरीद केंद्रों पर है कई मुश्किलें -सरकार को लग रही मंडी शुल्क की चपत, किसान भी खा रहे है धक्के

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मथुरा। यूपी की खुशहाली हरियाणा की ओर जा रही है। यहां पैदा हुए गेहूं के खुले बाजार में उचित कीमत न मिलने तथा सारी खरीद केंद्रों पर भारी अव्यवस्थाओं के चलते किसान अपनी फसल को बेचने के लिए हरियाणा की मंडियों में जा रहे है। इसके चलते एक ओर सरकार को मंडी राजस्व के रूप में भारी चपत लग रही है वहीं बाजारों से रौनक गायब है।

यूपी सरकार ने गेहूं किसानों के लिए 1735 रूपए का समर्थन मूल्य घोषित कर रखा है जबकि खुले बाजार में इसकी कीमत 1550 से लेकर 1600 रूपए है। किसान के सामने मुसीबत ये है कि वो खुले बाजार में अपनी फसल को बेचता है तो उसे सीधा नुकसान हो रहा है जबकि सरकारी खरीद केंद्रों पर एक एक सप्ताह तक गेहूं की तुलाई नहीं हो पा रही है।

ऐसे में अब किसानों का रूख हरियाणा की मंडियों की ओर हो गया है। इस खेल में बडे पैमाने पर बिचैलिया भी लगे है जो  यूपी की मंडियों से किसानों का गेहूं सस्ते रेटों पर खरीदकर हरियाणा की मंडियों में ले जा रहे है।

करोबारी रमेश प्रसाद ने बताया किसान जहां अपनी फसल को बेचता है वहीं से अपनी जरूरत का सामान, शादी विवाह की खरीदारी कर लेता है। ऐसे में बाजार में भी कम ही रौनक ही है।

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