फेरों से कुछ समय पहले ही लड़की ने देखा सच,किया शादी से इंकार,वजह ये थी…

दुल्हन और उसका परिवार हाथ में लगी मेहंदी को लेकर गेस्ट हाउस से घर को चले गए और इधर दूल्हा और उसका परिवार को बिन दुल्हन के घर वापस लौटना पड़ गया। 

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एक लड़की जिसकी सभी ख्वाहिशों के साथ-साथ एक ख्वाहिश होती है कि उसका होने वाला जीवन साथी पढ़ा लिखा और हर तरह से स्मार्ट हो। लेकिन अलीगढ़ में एक दुल्हन को उसके मन पसंद जीवन साथी न मिलने पर शादी के मण्डप में सात फेरों से पहले शादी से इंकार कर दिया। मामला थाना बन्नादेवी इलाका स्थित नंदन अभिनन्दन समारोह स्थल का है। जिसमें शादी समारोह का कार्यक्रम चल रहा था। जानकारी के मुताविक अलीगढ़ के गोण्डा इलाके की चाँदनी पुत्री रामकिशन की शादी डालचंद्र पुत्र राजेंद्र प्रसाद निवासी शिवपुरी के साथ तय हुई और तय तारीख के अनुसार हो रही थी। दुल्हन के हाथों में मेहंदी लग गई, सभी तैयारियाँ पूर्ण हो गई। दूल्हा भी घोड़ी पर सवार होकर बारात दुल्हन के दरवाजे पर ले आया। सभी शादी समारोह के काम शुरू भी हो गए बारातियों और घरातियों ने शादी की पार्टी भी एन्जॉय कर ली। रात को मण्डप में कन्यादान का नंबर आया तो दूल्हा और दुल्हन मण्डप में आकर बैठ गए जहाँ रश्में निभाई जा रही थी। लेकिन शादी की स्टेज कार्यक्रम से लेकर दुल्हन को कुछ अटपटा सा लग रहा था। लेकिन वह किसी से कुछ कह न सकी। सात फेरों के समय दूल्हे की अचानक तबियत बिगड़ गई और वह चक्कर खाकर गिर गया। तो पता चला कि दूल्हे को मिर्गी के दौरे पड़ने की बीमारी है जो कि शुरू से ही दुल्हन पक्ष से छिपाई गई थी।  दुल्हन ने यह सब देखा तो वह अपनी पूरी ज़िन्दगी को लेकर संकोच में पड़ गई। लेकिन जब दूल्हे को पानी पिलाकर ठीक करके फेरों के लिए लाया गया तो दुल्हन ने दूल्हे के साथ सात फेरे लेने से इंकार कर दिया। जिसपर शादी समारोह में हंगामा खड़ा हो गया। हंगामा बढ़ते-बढ़ते थाने पहुँच गया। जहाँ पूरी रात हंगामा कटने के बाद दोनों पक्षों में समझौता हो गया और एक दूसरे के लिए हुए खर्च को वापस दे दिया गया। दुल्हन और उसका परिवार हाथ में लगी मेहंदी को लेकर गेस्ट हाउस से घर को चले गए और इधर दूल्हा और उसका परिवार को बिन दुल्हन के घर वापस लौटना पड़ गया।

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