खून से राष्ट्रपति को पत्र लिखकर राम मंदिर बनवाने के लिए की प्रार्थना

इस दौरान पदाधिकारियों ने मथुरा, काशी की मस्जिदों के प्रतीकात्मक पुतलो को दहन किया है, अयोध्या की तरह मथुरा और काशी की मस्जिद को ढहाने की बात कही है,

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अलीगढ़-जैसा कि सभी को पता है 6 दिसंबर को तमाम हिंदू संगठन शौर्य दिवस के रुप में मनाते हैं तो वहीं मुस्लिम समुदाय के लोग इस दिवस को काला दिवस के रूप में लेते हैं । इसी कड़ी में आज अखिल भारत हिंदू महासभा ने इस 6 दिसंबर को अनोखे तरीके से शौर्य दिवस के रूप में मनाते हुए प्रदर्शन किया, सबसे पहले सभी पदाधिकारी और कार्यकर्ता कार्यालय पर एकत्रित हुए और सभी ने अपने-अपने खून को निकाल कर के सीसी में एकत्रित किया । जिसके उपरांत भारत के राष्ट्रपति को संबोधित पत्र लिखते हुए कहा है कि,मान्यवर जय हिन्दू राष्ट्र, इस ज्ञापन के माध्यम से आपका ध्यान अयोध्या में पवित्र रामलला के जन्म  स्थान पर भव्य राम मंदिर बनवाने की ओर आकर्षित करना चाहते हैं, सन 1528 में श्री रामलला का मंदिर तोड़कर इस स्थान पर मीर बाक़ी ने मस्जिद बनवाई थी, हिंदुओं ने काफी खून बहाने के बाद इस स्थान से विवादित मस्जिद ढाँचा हटाने में सफलता पाई है, अब भव्य निर्माण बाकी है, आपसे विनम्र निवेदन है कि सोमनाथ मंदिर की तर्ज पर सारी बाधाओं को दूर करते हुए, भव्य मंदिर निर्माण शीघ्र कराया जाये, यह हिंदुओं की आत्मिता का प्रश्न है, चाहे इसके लिए और कितनी भी कुर्बानी क्यों न देनी पढ़ें,इस खून से लिखे पत्र को थाना गाँधीपार्क पुलिस को सौंप दिया । तत्पश्चात सभी कार्यकर्ताओं ने एक पोस्टर पुतला के रूप में तैयार किया,जिसमें मथुरा और काशी की मस्जिदों के फ़ोटो छपे हुए थे, और उस प्रतीकात्मक पुतले को पैरों से कुचला और फिर उसे दहन कर दिया । अखिल भारत हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अशोक पाडेय ने बताया कि जिस तरह अयोध्या में विवादित मस्जिद ढांचे को ढहाया गया था उसी तरह अभी मथुरा और काशी की मस्जिद को ढहाने की बारी है । क्योंकि यह तीनों ही मस्जिदों को ढहाने का प्रण हिन्दू महासभा द्वारा लिया गया था, जिसमें से अयोध्या विवादित ढांचे को ढहाकर पूर्ण कर लिया गया ।

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