विद्युत विभाग का कनेक्शन काटने और बिजली के मीटर उखाड़ने का अभियान

अधीक्षण अभियंता राघवेंद्र सिंह ने यह भी बताया कि विभाग को ये जानकारी भी मिल रही है कि रात के वक्त कई उपभोक्ता कटे हुए कनेक्शन को जोड़ लेते हैं

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प्रदेश सरकार द्वारा जनता को निर्बाध विद्युत आपूर्ति देने की पूरी कोशिश की जा रही है लेकिन इस वजह से विद्युत विभाग को लाखों की चपत लग जाती है। दरअसल प्रत्येक जनपद में बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं जो या तो अवैध तरीके से बिजली जलाते हैं या फिर कनेक्शन धारक होने के बावजूद बिजली का बिल जमा नहीं करते।

ऐसी स्थिति में सरकार की बिजली तो खर्च होती है लेकिन उसके बदले में निर्धारित धनराशि सरकार को प्राप्त नहीं होती। इन आंकड़ों को समझने के बाद सरकार के आदेश पर विद्युत विभाग ने अवैध कनेक्शन धारकों व बकाएदारों के विरुद्ध सख्त रुख अपनाया है।

पिछले महीने विद्युत विभाग ने सभी बकाएदारों को बिजली का बिल जमा कराने के नोटिस भेजे और अवैध कनेक्शन धारकों के विरुद्ध कार्यवाही की। नोटिस मिलने के बाद कुछ बकाएदारों ने तो बकाया धनराशि जमा करा दी लेकिन अभी भी बड़ी संख्या में ऐसे कनेक्शन धारक हैं जिन्होंने इन नोटिसों को अनसुना कर दिया है। ऐसी स्थिति में विद्युत विभाग ने कनेक्शन काटने और बिजली के मीटर उखाड़ने का अभियान चला रखा है ।

शुक्रवार को भी यह अभियान जारी रहा इसके अंतर्गत 25 हजार से अधिक धनराशि बकाया होने पर बिजली के मीटर उखाड़े गए और 10 हजार से अधिक की धनराशि बकाया होने पर कनेक्शन काटे गए ।इस अभियान के संबंध में जानकारी देते हुए विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता राघवेंद्र सिंह ने बताया कि जनपद के दोनों सेक्शन को मिलाकर करीब 41 करोड़ रुपए की धनराशि बकाया है ।

उन्होंने कहा 1 महीने का इंतजार करने के बाद डिसकनेक्शन और मीटर उखाड़े जाने की कार्यवाही शुरू की गई है। अधीक्षण अभियंता राघवेंद्र सिंह ने यह भी बताया कि विभाग को ये जानकारी भी मिल रही है कि रात के वक्त कई उपभोक्ता कटे हुए कनेक्शन को जोड़ लेते हैं जिसके लिए एक दल तैयार किया गया है जो ऐसे उपभोक्ताओं को पकड़ कर कार्यवाही करेगा
बाइट – राघवेंद्र सिंह,अधीक्षण अभियंता

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