राजीव एकेडमी में आई.टी. उद्योग के भविष्य पर व्याख्यान
मथुरा। आने वाले समय में आई.टी. उद्योग में नई क्रांति के संकेत हैं, इससे युवाओं के सपनों को साकार करने में काफी मदद मिलेगी। आई.टी. उद्योग के भविष्य को देखते हुए इस विषय की शिक्षा हासिल कर रहे छात्र-छात्राओं को क्लाउड कम्प्यूटरिंग, एसक्यूएल जैसी भाषाओं में स्वयं को पारंगत करना चाहिए। यह बातें गुरुवार को राजीव एकेडमी फार टेक्नोलाजी एण्ड मैनेजमेंट के एमसीए विभाग द्वारा आयोजित सूचना प्रौद्योगिकी में करिअर की सम्भावनों पर आनलाइन व्याख्यान में बीएसएस आईटीएम लखनऊ के प्रो. सुयश श्रीवास्तव ने एमसीए प्रथम सेमेस्टर के छात्र-छात्राओं को बताईं।
श्री श्रीवास्तव ने छात्र-छात्राओं का आह्वान किया कि उन्हें सूचना प्रौद्योगिकी यानि आई.टी. क्षेत्र के उज्ज्वल भविष्य को देखते कम्प्यूटर के तकनीकी क्षेत्र में स्वयं को मास्टर की तरह तैयार कर लेना चाहिए। इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में नौकरी के पद सृजित होने की सम्भावना जताते हुए उन्होंने कहा सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग में नई क्रांति का दौर आने वाला है जिसका सभी युवाओं को लाभ होगा। उन्होंने कहा कि लम्बे समय तक भारतीय अर्थव्यवस्था में मन्दी का दौर चला जोकि अब खत्म हो रहा है। भारतीय अर्थव्यवस्था पटरी पर आ रही है। देखा जाए तो कोरोना संक्रमण पर सरकार ने जिस तरह से कंट्रोल किया है, उससे उद्योग-धंधे फिर से गति पकड़ रहे हैं। भारत सरकार भी मान रही है कि भविष्य में आई.टी. पेशेवरों की देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका होगी, इस बात के मद्देनजर वह सूचना प्रौद्योगिकी पर नए सिरे से मंथन कर रही है। श्री श्रीवास्तव ने छात्र-छात्राओं की विविध जिज्ञासाओं को भी शांत किया।
आर.के. एज्यूकेशन हब के अध्यक्ष डा. रामकिशोर अग्रवाल ने अपने संदेश में कहा कि वर्तमान समय चुनौतियों भरा है, ऐसे में युवा पीढ़ी को अपने लक्ष्य हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत करनी चाहिए। उनकी हर तकनीकी बदलाव पर न केवल नजर हो बल्कि उस पर दक्षता हासिल करने के प्रयास भी करने चाहिए। संस्थान के निदेशक डा. अमर कुमार सक्सेना का कहना है कि जब तक नियमित कक्षाएं सुचारु नहीं होतीं तब तक ऐसे व्याख्यानों के माध्यम से छात्र-छात्राओं को विशेषज्ञों के अनुभवों का लाभ दिलाया जाना समयानुकूल है।