मुंबई। अभिनेता सोनू सूद ने मुंबई स्थित अपने आवास पर अवैध निर्माण से संबंधित याचिका सुप्रीम कोर्ट से वापस ले ली है। चीफ जस्टिस शरद अरविंद बोबड़े की अध्यक्षता वाली तीन जजों की पीठ ने सोनू सूद को याचिका वापस लेने की अनुमति दे दी है।
आपको बता दें कि हाल ही में बंबई उच्च न्यायालय ने अभिनेता सोनू सूद की उस अपील और अंतरिम याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें उन्होंने जुहू स्थित अपनी आवासीय इमारत में कथित अवैध निर्माण को लेकर बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) के नोटिस को चुनौती दी थी।
सोनू सूद के वकील अमोघ सिंह ने बीएमसी द्वारा जारी नोटिस का पालन करने के लिए 10 सप्ताह का समय मांगा था और अदालत से अनुरोध किया था कि वह नगर निकाय को इमारत ढहाने का कदम नहीं उठाने का निर्देश दे। अदालत ने इस अनुरोध को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। साथ ही कहा कि अभिनेता के पास ऐसा करने का पहले पर्याप्त समय था और यदि आवश्यकता थी, तो वह नगर निकाय से संपर्क कर सकते थे।
न्यायमूर्ति चव्हाण ने कहा था कि गेंद अब बीएमसी के पाले में है। आप उनसे संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि आपने (सूद) बहुत देर कर दी। आपके पास पर्याप्त मौका था। सूद के वकील सिंह ने कहा कि याचिकाकर्ता सोनू सूद ने इमारत में ऐसा कोई बदलाव नहीं कराया है जिसके लिए बीएमसी की अनुमति जरूरी हो। अभी तक केवल वे ही बदलाव ही किए गए हैं जिसकी महाराष्ट्र क्षेत्रीय एवं नगर नियोजन अधिनियम के तहत अनुमति है।
यह है पूरा मामला
बीएमसी ने पिछले साल अक्टूबर में सोनू सूद को नोटिस जारी किया था। उस नोटिस को सूद ने दिसंबर 2020 में दीवानी अदालत में चुनौती दी थी। लेकिन अदालत ने अभिनेता की याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद उन्होंने बंबई उच्च न्यायालय का रुख किया। बीएमसी ने अपने नोटिस में आरोप लगाया था कि सूद ने छह मंजिला ‘शक्ति सागर’ रिहायशी इमारत में ढांचागत बदलाव कर उसे वाणिज्यिक होटल में तब्दील कर दिया। अभिनेता ने अपनी याचिका में दावा किया था कि उन्होंने इमारत में कोई अवैध निर्माण नहीं किया है। बीएमसी ने सूद के खिलाफ जुहू पुलिस थाने में शिकायत की थी। पुलिस ने इस मामले में अभी एफआईआर दर्ज नहीं की है।