समय पूर्व प्रसव के चलते शिशु का वजन 1.100 किलो तथा फेफड़े थे कमजोर
मथुरा। हमारा समाज डॉक्टरों को भगवान मानता है। के.डी. मेडिकल कॉलेज-हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेण्टर के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. के.पी. दत्ता और डॉ. दिव्यांशु अग्रवाल 30 मार्च को गांव देवपुरा, जिला मथुरा निवासी रेखा पत्नी राकेश के नवजात शिशु के लिए भगवान साबित हुए। इन चिकित्सकों ने मरणासन्न स्थिति में आए 1.100 किलो के नवजात शिशु का समय से उपचार कर उसे नई जिन्दगी दी। अब नवजात शिशु खतरे से बाहर है तथा उसमें निरंतर सुधार हो रहा है।
गौरतलब है कि 30 मार्च को गांव देवपुरा, जिला मथुरा निवासी रेखा पत्नी राकेश के कोसीकलां स्थित एक निजी चिकित्सालय में समय पूर्व (28 सप्ताह) प्रसव हुआ। समय पूर्व प्रसव के चलते नवजात का वजन 2.500 किलोग्राम की बजाय 1.100 किलोग्राम ही था। प्रसव के बाद रेखा की स्थिति तो ठीक थी लेकिन नवजात की स्थिति बहुत नाजुक हो गई। उसकी सांसें भी बहुत धीमे-धीमे चल रही थीं ऐसे में कोसीकलां के चिकित्सकों ने उसे कहीं और ले जाने की सलाह दी। चिकित्सकों की सलाह पर रेखा और उसके नवजात शिशु को सुबह साढ़े नौ बजे के.डी. मेडिकल कॉलेज-हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेण्टर के शिशु रोग विभाग लाया गया।

विभागाध्यक्ष शिशु रोग डॉ. के.पी. दत्ता और डॉ. दिव्यांशु अग्रवाल ने बिना विलम्ब किए उसका एक्सरा और अन्य जांचें कराईं। जांचों से पता चला कि उसका फेफड़ा पूरी तरह से विकसित नहीं हुआ है, ऐसे में चिकित्सकों ने सबसे पहले नवजात के फेफड़े को मजबूती देने के वास्ते सर्फेक्टेंट दवा दी और उसे आधुनिकतम चिकित्सा उपकरणों से लैश वेंटीलेटर में रखा गया। समय से नवजात का उपचार होने से उसकी जान बचा ली गई। इस दौरान न केवल नवजात के फेफड़े पर सतत नजर रखी गई बल्कि उसकी दूसरी गम्भीर बीमारियों का भी उपचार किया गया। नवजात शिशु में निरंतर हो रहे सुधार से न केवल दम्पति खुश हैं बल्कि इसके लिए के.डी. हॉस्पिटल के चिकित्सकों का भी आभार मान रहे हैं।
के.डी. हॉस्पिटल के नवजात शिशु विशेषज्ञ डॉ. के.पी. दत्ता और डॉ. दिव्यांशु अग्रवाल का कहना है कि समय से पहले शिशु का जन्म होने से जहां उसका वजन बहुत कम है वहीं नवजात के फेफड़े समेत दूसरे अंग भी पूरी तरह विकसित नहीं हुए हैं। नवजात शिशु का समय से उपचार होने से उसमें निरंतर सुधार हो रहा है। डॉक्टर के.पी. दत्ता का कहना है कि के.डी. हॉस्पिटल के एनआईसीयू और पीआईसीयू में सारी आधुनिकतम सुविधाएं होने के चलते नवजात शिशुओं का सहजता से उपचार सम्भव है।
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आर.के. एज्यूकेशन हब के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल, प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल, डीन डॉ. रामकुमार अशोका तथा चिकित्साधिकारी डॉ. राजेन्द्र कुमार ने नवजात शिशु के उपचार में तत्परता दिखाने और उसे नई जिन्दगी प्रदान करने के लिए शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. के.पी. दत्ता तथा डॉ. दिव्यांशु अग्रवाल को बधाई देते हुए नवजात शिशु पर सतत नजर रखने का आह्वान किया।
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