कोसीकलां। कोरोना संक्रमण से प्रतिदिन नगर के लोग मर रहे हैं। एक भी कोविड सेंटर या जिला प्रशासन की ओर से किसी तरह की राहत नहीं दी जा रही है। डीएम साहब और एसडीएम संकटकाल में भी फोन नहीं उठा रहे हैं। कोई भी अधिकारी बात सुनने और जन सहयोग से व्यवस्था करने को तैयार नहीें। ऑक्सीजन नहीं, दवा नहीं, डॉक्टर नहीं न ही कोई ऐसी जगह जहां कोविड मरीज का उपचार किया जा सके। लोगों को अपनी मौत सामने दिख रही है।
यह कहना है कोसीकलां के चेयरमैन नरेन्द्र कुमार का। कोरोना संकट काल में चारों तरफ अव्यवस्था के बीच दुख व्यक्त करते हुए नियो न्यूज से उन्होंने कहा कि कोसीकलां नगर पालिका के पास 2.5 करोड़ की लागत से शेल्टर होम है, यहां 70 बैड का कोविड हैल्प सेंटर बनाया जा सकता है। लोगों की जानें बचाई जा सकती हैं। नगर पालिका के पास एक नहीं कई मदों में पैसा है। लेकिन जिला प्रशासन के सहयोग की आवश्यकता है। इस संबंध मेंं पालिकाध्यक्ष नरेन्द्र कुमार ने जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल को 25 अप्रेल को एक पत्र इस संबंध मेंं भेजा लेकिन जिला प्रशासन की ओर से किसी तरह की जवाब नहीें आया।

चेयरमैन ने कहा कि महामारी के कारण लोग तड़प रहे हैं। मौत सामने दिख रही है। लेकिन शासन एवं प्रशासन की ओर से किसी भी तरह की सहायता नहीं है। उन्होंने कहा कि इंडस्ट्रियल एरिया में ऑक्सीजन की कालाबाजारी हो रही है। इस संबंध में कई बार एसडीएम को फोन कर बताने का प्रयास किया। लेकिन एसडीएम सुनने को तैयार नहीं है।
पेशे से इंजीनियर चेयरमैन नरेन्द्र कुमार ने कहा कि आपातकाल की इस घड़ी में लोगों की जान बचाना प्राथमिकता होना चाहिए। रास्ता निकालने चाहिए, एकदूसरे के सहयोग से महामारी से लड़ना चाहिए। लेकिन अधिकारी अनसुनी और अनदेखी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि नगर पालिका के 15वें वित्त , राज्य वित्त और बोर्ड फंड में धन है। लेकिन सरकारी पेचदगियों के कारण वह धन भी इस आपातकाल में लोगों की जान बचाने के कार्य नहीं रहा है।