Tuesday, April 22, 2025
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कोरोना महामारी से ब्रज के पंडा पुरोहितों के माथे पर खीचीं चिंता की लकीरें


बंद पड़ी यजमानी और मंदिरों में थमे श्रद्धालुओं के कदमों से पंडा पुरोहित परेशान


बलदेव। कोरोना महामारी के चलते कस्बा के पंडा पुरोहितों के माथे पर चिंता की लकीरें खीचीं हुई हैं। चिंता का मुख्य कारण यजमानी का ठप होना और मंदिरों में श्रद्धालुओं के कदम थमे होना है। कोरोना महामारी की दूसरी लहर में राज्यों ने अपने स्तर से लाॅकडाउन घोषित कर रखा है। ऐसे में पंडा पुरोहितों का घर खर्च पर भी संकट खडा हो गया है, क्योंकि ब्रज के पंडा पुरोहितों का घर खर्च दूर-दराज यजमानी और मंदिरों तीज त्यौहारों पर होने वाली श्रद्धालुओं भीड-भाड़ से चलता है। अधिकतर पंडा पुरोहित अपनी यजमानी और मंदिरों पर निर्भर हैं।


अधिकतर देखा जाय तो मंदिरों तीज त्यौहारों पर आने वाले श्रद्धालुओं को पंडा पुरोहित ब्रज-रज में घुमाने से लेकर उनको ब्रज की तीर्थ की यात्रा के बारे में पूर्ण जानकारी देते हैं, तो बलदाऊजी का प्रसाद भी श्रद्धालुंओं को खिलाते हैं, लेकिन वर्तमान समय में महामारी के चलते पंडा पुरोहित न तो यजमानी को जा रहे हैं और न ही मंदिरों की ओर रूख कर रहे हैं, क्योंकि मंदिरों में श्रद्धालुओं का आवागमन बिल्कुल बंद है।

स्थानीय हरिश्चंद्र पांडेय ने बताया कि कोरोना महामारी को लेकर यजमानी के लिए कोई पंडा समाज का व्यक्ति विभिन्न प्रदेशों की ओर रूख नहीं कर रहा है। सभी को अपना जीवन प्यारा है, लेकिन ऐसे में दाल रोटी का भी संकट खड़ा हो जाता है। सरकार को पंडा पुरोहितों की बारे में ध्यान देने मांग उन्होंने की है।

यजमानों से मिलता है पंडाओं को दक्षिणा

श्रद्धालुंओं यजमानों को पूजने के दौरान ही पंडा पुरोहित अपने यजमानों से अनाज से लेकर दक्षिणा के नाम पर 1100 रूपये से लेकर मनचाहे तक की हामी भरवा लेते हैं, जिसे पंडा पुरोहित यजमानों की हां पर नाम सहित उसे एक डायरी में नोट कर लेते हैं। जब भी पंडा यजमानी को विभिन्न प्रदेशों की ओर रूख करते हैं तो वहां उनसे ब्रज रज के भ्रमण के दौरान नोट करायी दक्षिणा और अनाज के बारे में मांग करते हैं और यजमानों को आशीर्वाद रूपी प्रसाद देते हैं, जिसे वह आसानी से स्वीकार कर लेते हैं।

यजमानों से फोन पर संपर्क

कस्बा के पंडा पुरोहित अपने-अपने यजमानों से फोन पर संपर्क साध रहे हैं और उन्हें महामारी से बचने के बारे में बता रहे हैं। इसके साथ ही उनसे अपनी व्यथा सुनाने में बिल्कुल कोताही नहीं बरत रहे हैं। उधर से भी यजमान अपने पंडा पुरोहितों से आषीर्वाद लेकर महामारी के बाद आने का न्यौता दे रहे हैं।

खबर के साथ फोटो सांकेतिक है।

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