सुनील सिंह
मथुरा। एक तरफ जिला प्रशासन जवाहर बाग में घूमने आने वाले लोगों से शुल्क वसूलने की तैयारी कर रही है तो वहीं दूसरी तरफ जवाहर बाग में शौचालयों में ताले जड़ दिए गए हैं। जिससे घूमने के लिए आने वाले तो दूर जवाहर बाग के कर्मचारी शौचालय की सुविधा नहीं मिल पा रही है ओर उन्हें खुले में शौच के लिए जाना पड़ रहा है।
जवाहर बाग में सुलभ शौचालय के बनने के साथ ही अधिकारियों और कर्मचारियों की अनदेखी के चलते ताले लटके हुए हैं। जिसके चलते यहां आने वाले लोग व वहां के कर्मचारियों के लिए शौचालय तक की व्यवस्था सुचारू नहीं है। बात करे यहां रह कर कार्य करने वाले कर्मचारियों की तो उनको खुले में ही शौच के लिए जाना पड़ता है और यहां पर आने वाले लोगों को भी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।

एक कर्मचारी का कहना है कि यहां पर सरकार द्वारा सुविधा देने के लाख दावे किए जा रहे हैं लेकिन यहां की स्थिति जस की तस बनी हुई है। कर्मचारी का यह भी कहना है कि ओडीएफ मुक्त जिले में खुले में शौच करने को मजबूर है जिस वजह से उनको कई बार तो सांपों का का भी डर लगा रहता है।