कोरोना काल में चमगादड़ चर्चाओं का विषय बनी हुई है। कोरोना के लिए हर कोई चमगादड़ को जिम्मेदार बता रहा है। चीन के वुहान में चमगादड़ पर किए गए प्रयोग से कोरोना वायरस से संक्रमण फैला फैलने की बातें की जा रही है। इन खबरों के बीच केवल वैज्ञानिक दृष्टिकोण से ही नहीं बल्कि धार्मिक दृष्टिकोण से भी चमका दलों को अशुभ माना जाता है चमगादड़ का ना होना बेहतर होगा लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है चमगादड़ असल में जैव विविधता में अहम भूमिका निभाते हैं।

जब से कोरोनावायरस इस दुनिया में आए हैं तो उसे यह भी बादशाह में आई है कि यह वायरस चमका ग्रुप के जरिए फैला है उसके बाद चमका दोनों को लेकर भारी को पैदा हो चुका है।

यदि धरती के सारे चमक आकर खत्म हो जाए तो दुनिया पर खतरा मंडराने लगेगा एक स्टडी के मुताबिक केवल अमेरिका में ही खराब से ज्यादा कीमत का अनाज नष्ट होने से बच जाता है क्योंकि यह जानवर हितों को नुकसान पहुंचाने वाले कीड़े मकोड़ों को खाता है इससे अनुमान लगाया जा सकता है कि दुनिया में कितना अन्न यह जीव बचाता है।
