Friday, April 4, 2025
Homeन्यूज़न्यूज़ब्रज में कहीं काली अधियारी रात में तो कहीं दिन के उजाले...

ब्रज में कहीं काली अधियारी रात में तो कहीं दिन के उजाले में होगा कन्हा का जन्माभिषेक


मथुरा। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव की तैयारियां पूर्ण कर ली गई है। मंदिरों में पंचामृत से होने वाले जन्माभिषेक कार्यक्रम तैयार हो गए हैं। ब्रज में कहीं दिन के उजाले में तो कहीं काली अधिकारी रात में कान्हा का जन्मोत्सव मनाया जाएगा और महाभिषेक होंगे।


मथुरा के श्रीकृष्ण जन्म स्थान मंदिर में मध्य रात्रि को भगवान कृष्ण का पंचामृत से अभिषेक होगा। वृंदावन के बांकेबिहारी मंदिर सहित इस्कॉन, मंदिर, प्रेम मंदिर सहित अन्य मंदिरों में मध्य रात्रि को ही भगवान कृष्ण का अभिषेक के साथ जन्मोत्सव मनाया जाएगा। वहीं वृंदावन के प्राचीन सप्तदेवालय श्री राधारमण मंदिर, श्री मदनमोहन मंदिर, राधा श्यामसुन्दर मंदिर, राधागोविन्द देव मंदिर, राधागोपीनाथ मंदिर, राधादामोदर मंदिर एवं राधागोकुलानन्द मंदिर में दिन में प्रात: महाभिषेक के साथ जन्माष्टमी महोत्सव धूमधाम के साथ मनेगा।

जानिए किस मंंदिर मे कब होगा जन्माभिषेक

श्रीकृष्ण जन्मस्थान मंदिर


श्रीकृष्ण जन्म स्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा ने बताया कि भगवान कृष्ण का जन्माभिषेक का मुख्य कार्यक्रम रात्रि 11 बजे से शुरु होगा। सर्वप्रथम श्रीगणेश-नवग्रह आदि पूजन होगा। इसके बाद 1008 कमल पुष्प से ठाकुरजी का सहस्त्रार्चन किया जाएगा। मध्य रात्रि 12 बजे भगवान का प्राकट़्य के साथ ही संपूर्ण मंदिर परिसर में ढोल, नगाड़े, झांझ, मंजीरा और मृदंग बज उठेंगे। भगवान कृष्ण की महाआरती की जाएगी। जो कि रात्रि 12.15 बजे तक होगी।


भगवान कृष्ण के चल विग्रह मोर्छलासन में विराजमान होकर अभिषेक स्थल पर पधारेंगे। घण्टे-घड़ियाल और शंखध्वनि के मध्य रात्रि 12 बजे भगवान का स्वागत होगा। चांदी के कमल पुष्प में भगवान का दूध, दही, घी, बूरा, शहर एवं दिव्य औषधि एवं वनस्पतियोंं से अभिषेक किया जाएगा। भगवान का प्रथम जन्माभिषेक स्वर्णमढ़ित चांदी की कामधेनु स्वरुपा गौमाता द्वारा होगा।

भगवान का जन्माभिषेक रात्रि 12.15 से 12.30 बजे तक होगा। इसके पश्चात 12.40 से 12.50 तक श्रृंगार आरती के दर्शन होंगे। जन्म के दर्शन रात्रि 1.30 बजे तक खुले रहेंगे। लडडू गोपाल का बड़ी मात्रा में लड्डू एवं मेवा-पाग का भोग लगाया जाएगा। भगवान के भोग लिए कुशल कारीगर एवं भक्तगण रात-दिन स्वादिष्ट लड्डू और मेवा पाग तैयार किया जा रहा है। इसके अलावा मेवे, गौंद, मिगी के लड्डूओं का भोग लगाया जाएगा।

श्री द्वारकाधीश मंदिर में जन्माभिषेक

श्री द्वारकाधीश मंदिर के मीडिया प्रभारी राकेश तिवारी एडवोकेट के अनुसार –
30 अगस्त को रात्रि में ठाकुरजी के मंगला दर्शन
रात्रि में 11: 45 बजे जन्म के दर्शन के समय पंचामृत अभिषेक
31 अगस्त को प्रात: 10:00 बजे भव्य नंद महोत्सव

श्री बाँकेबिहारी मंदिर में जन्माभिषेक

श्री बाँकेबिहारी मंदिर के सह प्रबंधक उमेश सारस्वत ने बताया कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर 30 अगस्त की मध्य रात्रि 12 बजे ठाकुर बाँकेबिहारी का महाभिषेक होगा। लेकिन भगवान के अभिषेक के भक्तों को दर्शन नहीं होंगे। अभिषेक मंदिर के गर्भगृह में किया जाएगा। इसके बाद रात्रि 1.45 बजे ठाकुरजी के जन्म के दर्शन के लिए पट खुलेंगे। वर्ष में एक बार होने वाली बांकेबिहारी महाराज की मंगला आरती सोमवार की रात 1.55 बजे की जाएगी। रात्रि 2 से 31 अगस्त की प्रात: 5.30 बजे तक दर्शन होंगे। दूसरे दिन मंदिर में मनेगा नन्दोत्सव
इसी क्रम में 31 अगस्त को प्रतिदिन के निर्धारित समय पर मंदिर प्रात: 7.45 बजे से दोपहर 12 बजे तक भगवान कृष्ण के जन्म की खुशी में नन्दोत्सव का आयोजन होगा।

प्राचीन श्री राधारमण मंदिर में जन्माभिषेक

सेवायत पद्मनाभ गोस्वामी ने बताया कि सोमवार को प्रात: 9 से 11 बजे तक ठाकुर राधारमणजी का महाभिषेक सेवायत गोस्वामियों द्वारा विधिविधान से किया जाएगा। दो घंटे चलने वाले महाभिषेक में दूध, दही, घी, शहर, बूरा, केसर, फलों का रस और विभिन्न प्रकार की जड़ी बूटियों से किया जाएगा।

प्राचीन श्रीराधादामोदर मंदिर में जन्माभिषेक

श्रीराधादामोदर मंदिर में सोमवार को प्रात: 9.30 बजे पंचामृत से ठा. राधादामोदर महाराज एवं श्री गिरिराज चरण शिला का अभिषेक गोस्वामियों द्वारा किया जाएगा। मंदिर की आचार्या माता तरुलता गोस्वामी ने बताया कि ठाकुरजी के विग्रहों को दूध, दही, शहद, यमुना जल, मेवा, नाना प्रकार की जड़ी बूटियों और आयुर्वेद औषधियों से युक्त पंचामृत से किया जाएगा। इस दौरान देश-विदेश के भक्तजन श्रीहरिनाम संकीर्तन करते हुए मंदिर की चार परिक्रमा करेंगे।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments