बरसाना। मथुरा में भगवान कृष्ण के बाद अब राधाष्टमी यानि राधारानी के जन्मोत्सव की तैयारियों पूर्ण कर ली गई है। बरसाना को रंग बिरंगी विद्युत झालरों से सजाया गया है। वहीं पुष्पों की बंधनवार और झालर भी जगह-जगह लगाई गई। हैं। दुल्हन की तरह सजा राधारानी के धाम बरसाना देशभर से श्रद्धालुओं के लिए आकर्षक का केन्द्र बना हुआ है।

द्वापर युग में भगवान श्री कृष्ण की अल्हादिनी शक्ति राधा रानी का जन्म वृषभानु बाबा के यहां हुआ था। उसी परंपरा को बरसानावासी ब्रह्मांचल पर्वत पर बने लाड़लीजी मंदिर यानि राधारानी के मंदिर में धूमधाम के साथ मनाने की तैयारियों जोरों से की जा रही है।

ब्रजवासियों में 13 एवं 14 सितंबर को मनाए जाने वाले राधाष्टमी महोत्सव को लेकर गजब का उत्साह है। बरसाने का प्रमुख मंदिर और सुप्रसिद्ध रंगीली गली सहित प्रवेश मार्ग, तिराहे -चौराहे जगमगाने लगे हैं। विद्युत झालर और पुष्पों से मंदिर और प्रमुख स्थलों को संत विनोद बाबा के सानिध्य में सजाया गया है।

रामभरोसी गोस्वामी ने बताया कि श्रीजी यानी श्री राधारानी के धाम बरसाना का नाम वृषभान बाबा के नाम पर रखा गया है।

जहां लाड़लीजी के जन्म उत्सव से पूर्व लाड़लीजी मंदिर कीर्ति मंदिर के साथ मंदिर को जाने वाले प्रवेश मार्ग, बस स्टैंड, पीली कोठी, पुराना बस स्टैंड, मेन बाजार, रंगीली गली, सुदामा चौक, राधा बाग मार्ग, कुंड मार्ग को भव्यता प्रदान करने का आकर्षण विद्युत सजावट से सजाया जा रहा है।
