विशेषज्ञों ने छात्र-छात्राओं को नया उद्योग शुरू करने की दी जानकारी
मथुरा। राजीव एकेडमी फॉर टेक्नोलॉजी एण्ड मैनेजमेंट के एम.बी.ए. विभाग द्वारा पीएचडी चेम्बर आफ कॉमर्स तथा सिडबी के सहयोग से गवर्नमेंट स्कीम्स टू स्टार्ट न्यू बिजनेस पर आनलाइन कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इस कॉन्फ्रेंस में विशेषज्ञों ने एम.बी.ए. के विद्यार्थियों को शासकीय मदद से नया उद्योग शुरू करने की विस्तार से जानकारी दी।

रिसोर्स परसन महाप्रबंधक सिडबी राजीव कुमार ने बताया कि भारत सरकार और आर.बी.आई. ने संकट के दौर से निपटने के लिए एम.एस.एम.ई.एस. को राहत प्रदान करने के लिए कई उपाय और सुझाव प्रदान किए हैं। कॉन्फ्रेंस का उद्देश्य स्पष्ट करते हुए उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे एम.एस.एम.ई.एस. सिडबी द्वारा प्रारम्भ किए गए ऐसेट रीस्ट्रक्चरिंग मॉड्यूल की अधिक से अधिक जानकारी जुटाएं ताकि उन्हें इसका अधिकतम लाभ मिल सके। उन्होंने छात्र-छात्राओं को नया उद्योग शुरू करने के लिए फण्ड जुटाने के तरीके भी बताए।
उन्होंने कहा कि नया उद्योग शुरू करते समय विद्यार्थियों को बैंकिंग पोर्टल के बारे में पूरी जानकारी होना आवश्यक है, क्योंकि यह बैंकों को समय पर निपटान के लिए मानकीकृत दृष्टिकोण के साथ पोर्टल के माध्यम से प्रस्तुत एम.एस.एम.ई.एस. इकाइयों की वित्तीय व्यवहार्यता योजना अथवा अनुमानों को फिर से तैयार करने की सुविधा प्रदान करने में मदद करेगा।
असिस्टेंट डायरेक्टर मिनिस्ट्री आफ एमएसएमई (विकास विभाग) के सुनील कुमार अग्निहोत्री ने छात्र-छात्राओं को बीते वर्ष अगस्त माह में एम.एस.एम.ई.एस. के लिए आर.बी.आई. द्वारा कोविड रिलीफ पैकेज के अंतर्गत की गई घोषणा के बारे में समझाते हुए आनटाइम रीस्ट्रक्चरिंग विंडो के बारे में जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि सिडबी और आई.एस.ए.आर.सी. ने एक वेब आधारित ‘‘ऐसेट रीस्ट्रक्चरिंग‘‘ विकसित करने की जो पहल की है वह कई मायनों में बड़ी राहत देने वाली है।
अतुल श्रीवास्तव प्रेसीडेंट डायरेक्टर यूपी चैप्टर पीएचडी चेम्बर आफ कॉमर्स इंडस्ट्री ने कहा कि ‘‘ऐसेट रीस्ट्रक्चरिंग‘‘ कई परिदृश्यों और राहत विकल्पों के पुनर्गठन तथा व्यवहार्यता अनुमानों के सरलीकरण के लिए एक स्वचलित आनलाइन डू.इट.इट्स. (डी.आई.बाई.) वेब पोर्टल है। उन्होंने मॉड्यूल के उपयोग के लिए पात्रता मानदण्ड, आवश्यक दस्तावेज, मॉड्यूल का उपयोग, लागत आदि के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ए.आर.एम. मॉड्यूल की कई विशेषताएं हैं जिन्हें सिडबी कार्यालय द्वारा लिया जा सकता है।
उन्होंने वेब सत्र को सम्बोधित करते हुए उपस्थित छात्र-छात्राओं की समस्याओं का समाधान भी किया। कॉन्फेंस में एंटरप्रिन्योर्स, स्टार्टअप्स बैंकर्स, नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल, इंस्टीट्यूशन के प्रतिनिधि सहित अनेक स्टॉक होल्डर्स भी उपस्थित थे। कॉन्फेंस में विद्यार्थियों व उनके परिजनों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। अंत में संस्थान के निदेशक डॉ. अमर कुमार सक्सेना ने कॉन्फ्रेंस में जानकारी देने वाले सभी विशेषज्ञों का आभार माना।