छात्र-छात्राओं ने ग्रामीणों को दिया स्वच्छता का संदेश
मथुरा। जी.एल. बजाज ग्रुप आफ इंस्टीट्यूशंस, मथुरा सिर्फ शिक्षा ही नहीं सामाजिक सरोकार से भी वास्ता रखता है। इसी कड़ी में विगत दिवस संस्थान के प्राध्यापकों और छात्र-छात्राओं की टीम गांव सिहाना पहुंची तथा ग्रामीणों से वहां की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए उनके निराकरण के प्रयास किए। टीम के सदस्यों ने ग्रामीणों को स्वच्छता का संदेश देते हुए उन्हें साफ-सफाई के फायदे भी बताए।
गौरतलब है कि जी.एल. बजाज संस्थान मथुरा जनपद के पांच गांवों को गोद लिए हुए है। संस्थान का उद्देश्य इन गांवों की मूलभूत समस्याओं को न केवल जानना है बल्कि उनका निराकरण भी करना है। यहां के प्राध्यापक और छात्र-छात्राएं इन गांवों में लगातार जाते रहते हैं। विगत दिवस यहां की टीम गांव सिहाना पहुंची तथा वहां व्याप्त समस्याओं का ग्रामीणों के सहयोग से निराकरण किया। छात्र-छात्राओं ने ग्रामीणों को स्वच्छता का संदेश देते हुए गांव में जिन स्थानों पर गंदा पानी भरा था, वहां जाकर ग्रामीणों को बताया कि इस पानी से कई प्रकार की बीमारियां हो सकती हैं लिहाजा घरों के पास गंदा पानी इकट्ठा न होने दें।
छात्र-छात्राओं ने ग्रामीणों से कहा कि संक्रामक बीमारियां तभी फैलती हैं, जब हम अपने घरों में सफाई नहीं रखते। यदि जीवन को खुशहाल रखना है तो अपने घरों तथा उसके आसपास स्वच्छता पर विशेष ध्यान देना होगा। कोशिश करें कि घरों के आसपास गंदगी न फैले तथा कूड़ा कूड़ादान में ही डालें। जी.एल. बजाज संस्थान का यह प्रयास इंस्टीट्यूशन इन्नोवेशन काउन्सिल व उन्नत भारत अभियान का हिस्सा है। क्षेत्र भ्रमण पर दल के साथ गये संस्थान के प्रोफेसर व उन्नत भारत अभियान के को-आर्डिनेटर डॉ. अजय उपाध्याय ने बताया कि हमने गांव सिहाना के लोगों से वहां की समस्याओं पर चर्चा की तथा उनके निराकरण के प्रयास भी किए। उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र की समस्याएं कुछ अलग तरह की होती हैं, उनका निराकरण मौके पर पहुंच कर ही सम्भव है।
आईआईसी के कन्वेयर प्रो. नितिन साहू ने बताया कि हमारे संस्थान के भावी इंजीनियर ग्रामीण समस्याओं को जानकार अपने ज्ञान व कौशल के आधार पर तकनीकी समाधान खोज सकते हैं। आईआईसी के इवेंट को-आर्डिनेटर प्रो. संजीव अग्रवाल ने छात्र-छात्राओं के छोटे-छोटे दल बनाकर अभियान के बारे में निर्देशित किया। संस्थान की निदेशक प्रो. नीता अवस्थी ने बताया कि इस तरह के कार्यक्रमों के माध्यम से जहां छात्र-छात्राएं ग्रामीण क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं से रूबरू होते हैं वहीं उनका सम्पूर्ण व्यक्तित्व विकास भी होता है। उन्होंने कहा कि गांवों के समुचित विकास के बिना राष्ट्रीय आर्थिक विकास की बातें बेमानी हैं।
सिहाना में ग्रामीणों से समस्याओं की जानकारी लेते जी.एल. बजाज के छात्र-छात्राएं।

