- नवागंतुकों ने शैक्षणिक भ्रमण को बताया दिलचस्प
मथुरा। शैक्षिक भ्रमण का शिक्षा के क्षेत्र में विशेष महत्व है। अपनी जिस सांस्कृतिक विरासत और कलाकृतियों के बारे में छात्र-छात्राएं पाठ्य पुस्तकों में पढ़ते हैं उनका परोक्ष अवलोकन कराने के उद्देश्य से मंगलवार को जी.एल. बजाज ग्रुप आफ इंस्टीट्यूशंस के नवागंतुकों को मथुरा का शैक्षिक भ्रमण कराया गया। इस शैक्षिक भ्रमण में विभिन्न संकाय के लगभग साढ़े तीन सौ नवागंतुक छात्र-छात्राओं ने प्राध्यापकों के साथ मथुरा की सांस्कृतिक विरासत को न केवल देखा बल्कि उसकी प्रशंसा भी की। शैक्षिक भ्रमण टोलियों को संस्थान की निदेशक प्रो. नीता अवस्थी ने रवाना किया।
जी.एल. बजाज के छात्र-छात्राएं न केवल पढ़ें बल्कि अपनी सांस्कृतिक विरासत को परोक्ष रूप से देखें भी, इसी उद्देश्य से उन्हें पौराणिक स्थल रमणरेती एवं चिंता हरण मंदिर के साथ ही मथुरा के राजकीय संग्रहालय ले जाया गया। मथुरा संग्रहालय में छात्र-छात्राओं को शक, कुषाण, हूण एवं मौर्ययुगीन प्रतिमाओं का विशद संग्रह देखने को मिला। छात्र-छात्राओं को बताया गया कि यह संग्रहालय इतना विशद है कि इसकी सामग्री देश-विदेश के कई संग्रहालयों में प्रदर्शित है जोकि मथुरा कला का दिग्दर्शन कराती है।

छात्र-छात्राओं को पता चला कि मथुरा संग्रहालय की स्थापना वर्ष 1874 ईस्वी में तत्कालीन जिलाधीश एफ.एस. ग्राउज द्वारा की गई थी। इस संग्रहालय में शासकों के लेखों से अंकित मानवीय आकारों में बनी प्रतिमाएं हैं तो बौद्ध एवं जैन धर्म से सम्बन्धित तीर्थंकरों की प्रतिमाएं भी बहुतायत में हैं। मथुरा कला में प्रभामण्डल का उपयोग प्रतीक रूप में किया गया है जो अन्यत्र दिखाई नहीं देता। मथुरा कला की शुंगकालीन कला-कृतियों में वैष्णव और शैव मूर्तियां भी हैं जिनमें बलराम, लिंगाकृति शिव एवं पंचवाण कामदेव विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं।
मथुरा संग्रहालय में छात्र-छात्राओं को पता चला कि कुषाण काल (दूसरी से पांचवीं शताब्दी) में मथुरा में मूर्ति कला अत्यधिक विकसित थी। उस काल का संग्रह दुनिया में सबसे बेहतरीन माना जाता है। दुनिया भर के मूर्ति कला विशेषज्ञ और शिक्षक-छात्र मूर्ति कला के अध्यबयन के लिए लगभग डेढ़ सौ साल पुराने मथुरा म्यूजियम में आकर अपने शोध पूरे करते हैं। इतिहास एवं पुरातत्व में रुचि रखने वालों के लिए यह संग्रहालय अमूल्य है। जी.एल. बजाज के छात्र-छात्राओं ने इस शैक्षिक भ्रमण को बहुत ही उपयोगी बताया।