
मथुरा। नवरात्र के पावन अवसर पर के.डी. मेडिकल कॉलेज-हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेण्टर प्रबंधन द्वारा लगाए गए एक माह के नेत्र शिविर में ब्रज क्षेत्र और उसके आसपास के जिलों के नेत्र पीड़ितों को हर तरह की सुविधाएं दी जा रही हैं। नेत्र पीड़ितों के सफेद मोतियाबिंद सहित अन्य ऑपरेशन निःशुल्क किए जा रहे हैं वहीं काले मोतियाबिंद तथा डायबिटिक रिटैनोपैथी की महंगी जांचें नाममात्र के शुल्क पर की जा रही हैं। यह नेत्र शिविर 30 अप्रैल तक चलेगा।
नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. अमित कुमार जैन ने बताया कि के.डी. मेडिकल कॉलेज-हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेण्टर प्रबंधन द्वारा गरीब और जरूरतमंद लोगों को नेत्र सम्बन्धी समस्याओं से निजात दिलाने के लिए एक माह का निःशुल्क नेत्र चिकित्सा शिविर लगाया गया है। शिविर में आने वाले मरीजों का विशेषज्ञ चिकित्सक जांच और उपचार कर रहे हैं। जो मरीज मोतियाबिंद, कालापानी या कॉर्निया आदि से पीड़ित हैं, उन्हें ऑपरेशन के लिए भर्ती किया जा रहा है।
डॉ. जैन ने बताया कि यहां काला मोतियाबिंद की जांच (ग्लूकोमा) जैसे पैरीमैट्री, ओसीटी एवं गोनियोस्कोपी जैसी महंगी जांचें सिर्फ पांच सौ रुपये में की जा रही हैं। सामान्यतः यह जांचें अन्य चिकित्सालयों में दो से तीन हजार रुपये में होती हैं। इसी तरह शुगर से होने वाली डायबिटिक रिटैनोपैथी की जांचें जैसे फंडस फोटोग्राफी, फ्लोरोसिन एंजियोग्राफी प्रत्येक की जांच पांच सौ रुपये तथा रेटिना की लेजर चिकित्सा मात्र एक हजार में की जा रही है। डॉ. जैन का कहना है कि उपरोक्त जांचें अन्य चिकित्सालयों में लगभग दो हजार रुपये तथा रेटिना लेजर तीन हजार रुपये में की जाती है।
डॉ. जैन का कहना है कि के.डी. हॉस्पिटल में फंडस कैमरा, ओसीटी तथा ग्रीन लेजर जैसी अत्याधुनिक मशीनों के होने से यहां सफेद मोतियाबिंद, काला मोतियाबिंद तथा आंखों के पर्दे (रेटिना) से पीड़ित मरीजों का आसानी से ऑपरेशन और उपचार सम्भव है। डॉ. जैन बताते हैं कि यहां ग्रीन लेजर, रेटिना एंजियोग्राफी, ओसीटी, रेटिना में सूजन, टोनोमेट्री, गोनियोस्कोपी, ग्लूकोमा, एक्स्ट्रा ऑक्यूलर सर्जरी, रेटिनोस्कोपी, आंखों की सोनोग्राफी जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। यहां डायबिटिक तथा हाइपरटेंसिव मरीजों के रेटिना सम्बन्धी विकारों की जांच एवं इलाज की भी पूरी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल का कहना है कि आंखें मनुष्य के जीवन का सबसे अहम अंग हैं। इसलिए हमें इनकी देखभाल में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए और समय-समय पर इनकी जांच करवाते रहना चाहिए। दिन-प्रतिदिन नेत्रों से संबंधित कई बीमारियां उत्पन्न हो रही हैं, लेकिन लोग अपने कामकाज में इस प्रकार व्यस्त हैं कि इसकी ओर ध्यान ही नहीं देते जोकि गलत है।
के.डी. मेडिकल कॉलेज-हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेण्टर के अध्यक्ष मनोज अग्रवाल का कहना है कि इंसान आंखों के जरिए ही दुनिया देख सकता है इसीलिए हमने एक माह के निःशुल्क नेत्र चिकित्सा शिविर के आयोजन का फैसला लिया है। श्री अग्रवाल का कहना है कि के.डी. हॉस्पिटल का उद्देश्य हर पीड़ित को अच्छी व सस्ती चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है।
चित्र कैप्शनः वृद्धा की आंखों की जांच करते हुए डॉ. अमित कुमार जैन।