नई दिल्ली। केन्द्र सरकार ने कोविड-19 को लेकर एक नई गाइडलाइंस जारी की है। नई गाइड लाइन के मुताबिक कंटेनमेंट जोन में सख्ती जारी रखने और 65 साल से ज्यादा आयु के व्यक्तियों और 10 साल से कम उम्र के बच्चों को घर में रहने की सलाह दी है। गृह मंत्रालय ने देश के सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों को कड़ाई से कोरोना वायरस के रोकथाम के उपाय, विभिन्न गतिविधियों पर एसओपी और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अनिवार्य उपाय करने का निर्देश दिया हैं।
केन्द्र सरकार की नई गाइडलाइंस में भी सिनेमा हॉल्स, स्विमिंग पूल को लेकर पाबंदियां जारी हैं। सिनेमा हॉल 50 प्रतिशत दर्शक क्षमता के साथ चलेंगे। वहीं, धार्मिक, सामाजिक कार्यक्रमों में 200 से ज्यादा लोग शामिल नहीं हो सकते। अपने राज्यों में कोरोना वायरस से हो रहे संक्रमण को देखते हुए अगर राज्य सरकारें चाहें तो इस संख्या को 100 या उससे भी कम पर सीमित कर सकते हैं।
स्थानीय जिला, पुलिस और नगरपालिका अधिकारी यह सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार होंगे कि निर्धारित कंटेनमेंट उपायों का कड़ाई से पालन किया जाए और प्रदेश सरकारें संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करेंगे।
सरकार का ध्यान कोरोना के संक्रमण पर पाए गए काबू को मजबूत करना है। हाल में कुछ राज्यों में कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी के कारण सावधानी बरतने पर जोर दिया गया है। गृह मंत्रालय ने कहा कि कोरोना महामारी की स्थिति के अपने आकलन के आधार पर राज्य एवं केंद्रशासित प्रदेश केवल निषिद्ध क्षेत्रों में नाइट कफ्र्यू जैसी स्थानीय पाबंदियां लगा सकते हैं।
सरकार के दिशा-निर्देश के मुताबिक, सर्विलांस टीम घर-घर जाकर निगरानी करेगी और कोरोना मरीजों का उपचार सुविधाओं के साथ तत्काल आइसोलेशन सुनिश्चित किया जाएगा। वहीं, आरोग्य सेतु मोबाइल ऐप के उपयोग को प्रोत्साहित किया जाता रहेगा।
इंटर स्टेट और इंट्रा स्टेट मूवमेंट पर कोई पाबंदी नहीं लगाई गई है। ऐसे मूवमेंट के लिए किसी भी प्रकार की अनुमति लेने की जरूरत नहीं होगी। गृह मंत्रालय की ओर से कहा गया कि वे शहर जहां पर साप्ताहिक केस के पॉजिटिव रेट 10 फीसदी से ज्यादा है, वहां के संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को चरणबद्ध तरीके से दफ्तरों की टाइमिंग और अन्य उपाय लागू करने चाहिए, ताकि एक समय में ज्यादा कर्मचारी न आ पाए और सोशल डिस्टेंसिंग सुनिश्चित हो पाए।