मथुरा। विद्यार्थियों के ज्ञान और कौशल विकास के लिए संस्कृति विश्विविद्यालय और अमेजोन के मध्य एक एमओयू(समझौता) साइन हुआ। समझौते के तहत संस्कृति विवि के विद्यार्थियों को अमेजोन के विशेषज्ञों के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय स्तर का ज्ञान और कौशल प्रदान किया जाएगा। संस्कृति विवि ने तकनीकि शिक्षा को लेकर इस समझौते पर हस्ताक्षर कर कौशल युक्त शिक्षा को एक नई उम्मीद प्रदान की है। इस बड़ी पहल को लेकर संस्कृति विवि के शिक्षकों और विद्यार्थियों ने हर्ष व्यक्त किया है।
संस्कृति विवि के स्कूल आफ इंजीनियरिंग के विभागाध्यक्ष विंसेंट बालू ने जानकारी देते हुए बताया कि एमओयू के अनुसार अमेजोन संस्कृति विवि के शिक्षक और विद्यार्थियों के कौशल विकास के लिए सहयोग देगा। संस्कृति विश्वविद्यालय के विद्यार्थी इस समझौते के बाद ट्रेनिंग, शोध, मशीन लर्निंग क्लाउड कंप्यूटिंग, बिग डाटा, वेब डवलपमेंट, साफ्टवेयर डवलपमेंट प्रोग्राम, साइबर सिक्योरिटी के क्षेत्र में अपना कौशल विकास कर सकेंगे। इसके अलावा अमेजोन द्वारा विद्यार्थियों को वेल्यूड सर्टिफिकेट भी दिए जाएंगे जो उनके लिए प्लेसमेंट में अतिरिक्त योग्यता के रूप में काम आएंगे।
अमेजोन के रजिस्ट्रार अमित नेवतिया ने बताया कि अमेजोन द्वारा संस्कृति विवि के विद्यार्थियों के स्किल डवलपमेंट के लिए कंपनी द्वारा आन लाइन और आफ लाइन क्लासेज के माध्यम से शिक्षा दी जाएगी। विद्यार्थी अपना अध्ययन करेंगे और अपने ज्ञान को बढ़ाएंगे। अमेजोन के विशेषज्ञ यहां उद्योग आधारित अत्याधुनिक प्रशिक्षण देंगे। प्रशिक्षण लेने वाले विद्यार्थियों और फैकल्टी को कंपनी की ओर से प्रमाणपत्र भी प्रदान किये जाएंगे। बच्चे जो आज इंडस्ट्री में इंटरव्यू फेस नहीं कर पा रहे हैं, ऐसे बच्चों को अमेजोन के ट्रेनर बताएंगे कि आज इंडस्ट्री में क्या-क्या डवलपमेंट हो रहे हैं, उसके लिए उनको कौनसी शिक्षा और ज्ञान प्राप्त करने की जरूरत है। ये ज्ञान बदलती औद्योगिक क्षमता से विद्यार्थियों को रूबरू कराएगा और उनके कौशल में विकास करेगा। ऐसा ज्ञान और कौशल पाने के बाद विद्यार्थियों को इस क्षेत्र में नौकरी पाने या अपना उद्यम खड़ा करने में किसी भी प्रकार की अड़चन नहीं होगी।
विंसेट बालू ने बताया कि कंपनी के प्रशिक्षक संस्कृति विवि के विद्यार्थियों के कैरियर प्लानिंग, पर्सनल प्रोफाइल डवलपमेंट में भी सहयोग करेंगे। अमेजोन के द्वारा विद्यार्थियों को वैश्विक समुदाय से जुड़ने में मदद मिलेगी, जिससे वे अपने अंतर्राष्ट्रीय व्यक्तित्व का निर्माण कर सकेंगे। विद्यार्थियों एप बनाने में सक्षम होंगे और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस को अच्छे से समझ सकेंगे। इस समझौते के बाद संस्कृति विवि के छात्र अनलिमिटेड स्टडी मैटेरियल डाउनलोड कर पाएंगे, जो उनके ज्ञान को बढ़ाने में सहायक होगा।
इस समझौते पर संस्कृति विवि की ओर से रजिस्ट्रार पूरन सिंह ने हस्ताक्षर कर समझौते को अंतिम रूप दिया। समझौते पर हर्ष व्यक्त करते हुए संस्कृति विवि के कुलपति प्रोफेसर सीएस दुबे ने कहा कि यह समझौता विद्यार्थियों के कैरियर और स्किल डवलपमेंट के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा।