प्रथम वर्ष के विद्यार्थी हुए शिक्षकों से रूबरू
मथुरा। संस्कृति विश्वविद्यालय में प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों की आफ लाइन क्लासेज पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार सोमवार से शुरू हो गईं। परिसर में पहले दिन पहुंचे विद्यार्थियों में भारी उत्साह नजर आया। कई दिनों से आनलाइन पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों ने अपने शिक्षकों से पहली बार रूबरू मुलाकात की। विद्यार्थी कक्षाओं में पढ़ाई को लेकर रोमांचित थे तो अपने नए साथियों से मिलने की खुशी भी थी।
सुबह विश्वविद्यालय के प्रथम वर्ष के विद्यार्थी सेमिनार हाल में एकत्र हुए। उनके शिक्षकों ने नए विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए विश्वविद्यालय के बारे में संक्षेप रूप से बताया। प्रथम वर्ष के सभी विद्यार्थियों को बताया गया कि विश्वविद्यालय उनके उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के साथ-साथ एक अच्छे नागरिक के रूप में उनकी पहचान के लिए कितना गंभीर है। वक्ताओं ने बताया कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की युवाओं से क्या अपेक्षाएं हैं और उनपर वे सब कैसे खरे उतर सकते हैं।
नए विद्यार्थियों संबोधित करते हुए कुलपति प्रोफेसर सीएस दुबे ने कहा है कि आपकी विश्वस्तरीय शिक्षा के प्रति संस्कृति विश्वविद्यालय प्रतिबद्ध है। हमारा उद्देश्य आपको स्किलफुल और इनोवेटिव तो बनाना ही है साथ ही भारतीय संस्कारों से भी परिचित कराना है। उन्होंने कहा कि हमारे यहां भारत सरकार की नई शिक्षा नीति के अनुरूप पाठ्यक्रमों में परिवर्तन किए गए हैं। अब विभिन्न विषयों की शिक्षा पहले से अधिक व्यवहारिक और उपयोगी हो गई है।
उन्होंने ब्रज क्षेत्र और यहां के संसाधनों का जिक्र करते हुए कहा कि आप लोग यहां नए-नए प्रयोग और उद्यम में रुचि लेकर अपना अनूठा भविष्य निर्माण कर सकते हैं, जो आपके सपनों को साकार करेगा। इस मौके पर विद्यार्थियों को विवि की आचार संहिता और विवि अनुदान आयोग द्वारा नियमों की विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही छात्रों को उन सावधानियों को भी बताया गया जो पढ़ाई के दौरान स्वास्थ्य और वर्तमान कोरोना महामारी से बचाव के लिए आवश्यक रूप से पालन करनी हैं।